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Wednesday, July 12, 2017

नवगीत के प्रवर्तक ,कवि एवं साहित्यकार राजेंद्र प्रसाद सिंह अपने आप में एक साहित्यिक-सांस्कृतिक संस्था थे। उन्होंने मुजफ्फरपुर में अपनी प्रतिभा, मेहनत और लगन द्वारा एक ऐसा सकारात्मक माहौल तैयार किया, जिसके कारण बहुत सारे कवियों और साहित्यकारों का जन्म हुआ । मेरे गुरु , जनवादी कवि, नाटककार,रंगकर्मी, उपन्यासकार , एवं अखिल भारतीय जनवादी सांस्कृतिक मोर्चा ( विकल्प) के संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष काॅमरेड यादवचंद्र के वे बहुत अच्छे मित्र थे। वे मुझे भी बहुत स्नेह देते थे । मुजफ्फरपुर शहर के किसी भी कोने में मैं साहित्यिक आयोजन करता ,उनको जरूर आमंत्रित करता । वे समय पर पहुँच जाते । अत्यल्प उपस्थिति के कारण जब मेरा मन खिन्न हो जाता , वे हिम्मत देते और अकेले ही घंटों कविता सुनाकर एक समां बांध देते। मेरी पहली मुलाकात सन् 1995 में दिनकर जयन्ती पर सिकंदरपुर में हुई । उसके बाद आजीवन उनसे मुलाकातों का सिलसिला जारी रहा। मैं बराबर उनके घर ( आधुनिका) पर चला जाता और घंटों उनसे साहित्यिक चर्चा करता । कभी-कभी शहर के प्रतिष्ठित पत्रकार कन्हैयाशरण जी के साहू रोड स्थित घर पर जाता और वहीं राजेंद्र प्रसाद सिंह जी से भी भेंट हो जाती । 'भूमिका', 'डायरी के जन्मदिन', 'उजली कसौटी', 'शब्द यात्रा', 'प्रस्थान बिन्दु', 'अमावस और जुगनू', 'लाल नील धारा', 'गज़र आधी रात का', 'आओ खुली बयार', 'भड़ी सड़क पर ' आदि उनकी महत्वपूर्ण कृतियाँ हैं । उन्होंने पुरा जीवन साहित्य और समाज को समर्पित कर दिया । यह बड़ी बात है । ( 12 जुलाई को राजेंद्र प्रसाद सिंह की जयन्ती है । उन्हे सादर स्मरण एवं श्रद्धा-सुमन ) प्रस्तुत है उनकी एक रचना-- तांबे का आसमान , टीन के सितारे , गैसीला अंधकार , उड़ते है कसफुट के पंछी बेचारे , लोहे की धरती पर चाँदी की धारा पीतल का सूरज है राँगे का भोला-सा चाँद बड़ा प्यारा, सोने के सपनो की नौका है, गंधक का झोंका है, आदमी धुँए के हैं , छाया ने रोका है, हीरे की चाहत ने कभी-कभी टोका है, शीशे ने समझा कि रेडियम का मौका है , धूल 'अनकल्जर्ड' है, इसलिए बिकती है- -'ज़िन्दगी नहीं है यह-धोखा है, धोखा है!'

yनवगीत के प्रवर्तक ,कवि एवं साहित्यकार राजेंद्र प्रसाद सिंह अपने आप में एक साहित्यिक-सांस्कृतिक  संस्था थे।  उन्होंने मुजफ्फरपुर में अपनी प्रतिभा, मेहनत और लगन द्वारा एक ऐसा सकारात्मक माहौल तैयार किया, जिसके कारण बहुत सारे कवियों  और साहित्यकारों का जन्म हुआ । मेरे गुरु , जनवादी कवि, नाटककार,रंगकर्मी,  उपन्यासकार , एवं अखिल भारतीय जनवादी सांस्कृतिक मोर्चा ( विकल्प) के संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष  काॅमरेड यादवचंद्र के वे बहुत अच्छे मित्र थे।
       वे मुझे भी बहुत स्नेह देते थे । मुजफ्फरपुर शहर के किसी भी कोने में मैं साहित्यिक आयोजन करता ,उनको जरूर आमंत्रित करता । वे समय पर पहुँच जाते । अत्यल्प उपस्थिति के कारण जब मेरा मन खिन्न हो जाता , वे हिम्मत देते और अकेले ही घंटों कविता सुनाकर एक समां बांध देते। मेरी पहली मुलाकात सन् 1995 में दिनकर जयन्ती पर सिकंदरपुर में हुई । उसके बाद आजीवन उनसे मुलाकातों का सिलसिला जारी रहा। मैं बराबर उनके घर ( आधुनिका) पर चला जाता और घंटों उनसे साहित्यिक चर्चा करता । कभी-कभी शहर के प्रतिष्ठित पत्रकार कन्हैयाशरण जी के साहू रोड स्थित घर पर जाता और वहीं राजेंद्र प्रसाद सिंह जी से भी भेंट हो जाती ।
            'भूमिका', 'डायरी के जन्मदिन', 'उजली कसौटी', 
'शब्द यात्रा', 'प्रस्थान बिन्दु', 'अमावस और जुगनू', 'लाल नील धारा', 'गज़र आधी रात का', 'आओ खुली बयार', 'भड़ी सड़क पर ' आदि उनकी महत्वपूर्ण कृतियाँ हैं । उन्होंने पुरा जीवन साहित्य और समाज को समर्पित कर दिया । यह बड़ी बात है ।
( 12 जुलाई को राजेंद्र प्रसाद सिंह की जयन्ती है । उन्हे सादर स्मरण एवं श्रद्धा-सुमन )
   प्रस्तुत है उनकी एक रचना--
                     तांबे का आसमान ,
                      टीन के सितारे ,
                      गैसीला अंधकार ,
                       उड़ते है कसफुट के पंछी बेचारे ,
                       लोहे की धरती पर 
                       चाँदी की धारा 
                       पीतल का सूरज है
                       राँगे का भोला-सा चाँद बड़ा प्यारा,
                       सोने के सपनो की नौका है, 
                       गंधक का झोंका है, 
                       आदमी धुँए के हैं , 
                      छाया ने रोका है, 
                       हीरे की चाहत ने 
                      कभी-कभी टोका है, 
                      शीशे ने समझा 
                      कि रेडियम का मौका है ,
                       धूल 'अनकल्जर्ड' है,
                      इसलिए बिकती है-
              -'ज़िन्दगी नहीं है यह-धोखा है, धोखा है!'

Kawivar_Rajendra Prasad Singh DOB 12 july copy

jpeg Rajendra Prasad Singh DOB 12 july copy ,Who inaugurate the meeting  on " SAMALAK as a word & style in literature and art. Read details in "ABOUT" column on 'samalak.blogspot.com '

Monday, July 10, 2017

नेताओं ,भारत के लोकतन्त्र को शोकतंत्र में तबदिल मत करो .आरोप प्रतयारोप की दुनिया से बाहर निकलो और जनता का विश्वास नेताओं में पनपने दो .

नेताओं ,भारत के लोकतन्त्र को शोकतंत्र में तबदिल मत करो .आरोप प्रतयारोप की दुनिया से बाहर निकलो और जनता का विश्वास नेताओं में पनपने दो .                       विश्व का सबसे बड़ा वायापम घोटाला बीजेपी राज मध्य प्रदेशबीजेपी हमेशा कांग्रेस के घोटाले दिखाकर खुद को देशभक्त साबित करती है और जनता को बेवकूफ बनाती है। जरा नजर डालते हैं भाजपा के घोटाले की लिस्ट पर।
☝नोट - ये सिर्फ कुछ ही घोटालो की झलक है।
1- कारगिल ताबूत घोटाले, कारगिल उपकर दुरूपयोग घोटाला।
2- दूरसंचार प्रमोद महाजन - घोटाले (रिलायंस)
3-अरुण शौरी निजी खिलाड़ियों को बेलआउट पैकेज यूटीआई घोटाले
4- साइबर स्पेस इन्फोसिस लिमिटेड घोटाले
5- पेट्रोल पंप और गैस एजेंसी आवंटन घोटाले
6- जूदेव घोटाले सेंटूर होटल में डील
7- दिल्ली भूमि आवंटन घोटाले
8- हुडको घोटाले राजस्थान में Landscams (राज)
9- बेल्लारी खनन और रेड्डी ब्रदर्स घोटाले
10- मध्य प्रदेश में कुशाभाऊ ठाकरे ट्रस्ट घोटाले
11- कर्नाटक में भूमि आवंटन (येदियुरप्पा)
13-,पंजाब रिश्वत मामले
14- उत्तराखंड पनबिजली घोटाले
14- छत्तीसगढ़ खानों में भूमि घोटाले
15- पुणे भूमि घोटाले (भाजपा नेता नितिन गडकरी शामिल)
16- उत्तराखंड में गैस आधारित पावर प्लांट घोटाले
17- फर्जी पायलट घोटाले सुधांशु मित्तल और विजय कुमार मल्होत्रा
18- अरुण शौरी द्वारा वीएसएनएल विनिवेश घोटाला
19-अरविंद पार्क लखनऊ घोटाले
20- आईटी दिल्ली प्लॉट आबंटन घोटाले
21- चिकित्सा प्रोक्योर्मेंट घोटाले - सी पी ठाकुर
22- बाल्को विनिवेश घोटाले जैन हवाला मामले लालकृष्ण आडवाणी
23- 1998 खाद्यान घोटाला 35,000 करोड़
24- 2000 चावल निर्यात घोटाला 2,500 करोड़ का
25-,2002 उड़ीसा खदान घोटाला7,000 करोड का
26- 2003 स्टाम्प घोटाला 20,000 करोड़ का
27- 2002 संजय अग्रवाल गृह निवेश घोटाला 600 करोड़ का
28- 2002 कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज घोटाला 120 करोड़ का
29- 2001 केतन पारिख प्रतिभूति घोटाला 1,000 करोड़ का
30-2001 UTI घोटाला 32 करोड़ का
31-2001 डालमिया शेयर घोटाला 595 करोड़ का
32- 1998 टीक पौधों का घोटाला 8,000 करोड़ का
33- 1998 उदय गोयल कृषि उपज घोटाला 210 करोड़ का
34-1997 बिहार भूमि घोटाला 400 करोड़ का
35- 1997 SNC पावार प्रोजेक्ट घोटाला 374 करोड़
36- 1997 म्यूच्यूअल फण्ड घोटाला 1,200 करोड़ का
37- 1996 उर्वरक आयत घोटाला 1,300 करोड़ का
38- 1996 यूरिया घोटाला 133 करोड का ये 1999 से 2004 तक के बीजेपी सरकार के घोटाले हैं। मोदी सरकार के देखिये
39- अभी का व्यापम ,
40- छत्तीसगढ़ का 36000 करोड का चावल घोटाला ,
41- पंजाब का 12000 करोड का गेहुं घोटाला,
42- राजस्थान का माईंस घोटाला ,
43- मनुस्मृति का बुक्स घोटाला,
44- ललित गेट ,
45- गुजरात का जमीन घोटाला,
46- हेमा मालिनी जमीन घोटाला,
47 - एल ई डी बल्ब घोटाले
48- गुजरात में मोदी ने 1 लाख 25 हजार करोड का हिसाब सी नही दिया सीएजी की रिपोर्ट के अनुसार ।
☝36000 करोड़ का चावल घोटाला छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री, उनका परिवार, उनके रिश्तेदार, स्टाफ, पीए सब शामिल, व्यापमं घोटाला, महाराष्ट्र में पंकजा मुंडे का 206 करोड़ का घोटाला, 271 करोड़ का कार बाइक घोटाला हैदराबाद में वैंकया नायडू के पुत्र आरोपी, मोदी राज में गुजरात का 27000 करोड़ का टैक्स घोटाला, 1 रुपये मीटर के भाव अदानी को 16000 एकड़ जमीन का घोटाला। स्मार्ट सिटी की बिना किसी जमीनी आधार दस्तावेज वाली योजना के नाम पर 1 लाख करोड़ का आवंटन एक और घोटाला।
पिछले साल फरवरी में पेट्रोल 63 रूपए लीटर और कच्चा तेल 55-60 डॉलर प्रति बैरल था अब जब कच्चा तेल 43 डॉलर प्रति बैरल पर है तो पेट्रोल के दाम 66 रूपए प्रति लीटर। ये है इनकी लूटनीति।
पिछली सरकार ने 2G स्पेक्ट्रम का 20% भाग बेचा था 62000 करोड़ रुपए में, तब संघियों के फेवरेट CAG ने 1,76,000 करोड़ का घाटा बताया था, अब मोदी जी ने बचा हुआ 80% स्पेक्ट्रम 1,10,000 करोड़ में 20 साल की उधारी में बेच दिया जिसकी ब्याज सहित 21 लाख करोड़ कीमत थी, कहाँ गया घाटा? और कॉंग्रेस् के  साथ  अन्य दलों के घोटालों का  क्या  कहना !

Saturday, May 13, 2017

3 साल में अमित/मोदी जुम्लेस्टो का क्या हुआ।

"भूपेश रसीन"
🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳

*तीन साल पे पूछे सवाल:*

मोदी सरकार ने तीन साल पूरे कर लिए। चुनाव घोषणापत्र के कितने वादे पूरे हुए ? पूछे गए सवाल ? - तीन साल में :-
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1- कितने करोड़ युवाओं को रोजगार दिया?
2- गंगा मैया कितनी साफ हुई?
3- बुलेट ट्रेन के कितने कोच तैयार हुए?
4- मेक इन इंडिया का क्या परिणाम रहा?
5- कितने दागी नेता जेल गए?
6- धारा 370 पर क्या हुआ ?
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7- कितने कश्मीरी पंडितों का घर मिला?
8- डीजल पेट्रोल कितना सस्ता हुआ?
9- मंहगाई कितनी कम हुई?
10- आम जनता के लिए क्या किया?
11- लाहौर और करांची पर कहाँ तक कब्जा किया?
12- सेना को कितनी छूट मिली?
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13- चीन थर-थर कांपा क्या?
14- देश ईमानदार देशों की श्रेणी में आ गया?
15- स्टार्ट-अप इंडिया का क्या हाल है?
16- जवानों का खाना सुधरा क्या?
17- बिहार को 175 लाख करोड़ का पैकेज मिला?
18- अलगाववादी नेताओं की सुविधाएं बंद की क्या?
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19- ओवैसी और वाड्रा जेल गए क्या ?
20- मोदी के विदेशी दौरों से क्या मिला?
21- राम मन्दिर बना क्या?
22- गुलाबी क्रांति गौ हत्या रुकी क्या?
23- डॉलर का मूल्य रूपये के मुकाबले कितना कम हुआ?
24- कितने स्मार्ट सिटी तैयार हो गये?
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25- सांसद आदर्श ग्राम योजना में कितने गाँव खुशहाल हुए?
26- महिलाओं पर अत्याचार रुक गया क्या ?
27- बीफ एक्सपोर्ट में भारत को एक नम्बर किसने बनाया?
28- 100 दिन में विदेशों से काला धन आया क्या?
29- कितने लोगों को 15 लाख मिले ?
30- नोटबन्दी से आतंकवाद और नक्सलवाद की कमर टूट गई क्या?
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31- देश में घूसखोरी बंद हो गई क्या?
32- देश में कितनी खुशहाली आई ?
33- स्वच्छता अभियान कितना सफल रहा ?
34. मुस्लिम आबादी कितनी कम हुई?
35. हिन्दू आबादी कितनी बढ़ी?
36. टैक्स सुधार कितना हुआ?
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37. इंस्पेक्टर राज कितना कम हुआ?
38. बैंक का अरबों डकारने वाले कितने पूंजीखोर जेल गए?
39. पार्टी के नाम पर काली कमाई वाले कितने नेता जेल गए?
40. कितने स्कूल, कॉलेज, अस्पताल खुले?
41. हिंदी का उपयोग कितना बढ़ा?
42. सिंचाई की सुविधा कितनी बढ़ी?
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43. किसानों की आत्महत्या रुक गई क्या?
44. कितने नए वैज्ञानिक प्रयोग हुए?
45. सबको आवास मिल गया?
46. अदालतों में कितने जज बहाल हुए?
47. भारत कितने दिन में विश्वगुरू बनेगा?
48. कॉमन सिविल कोड लागू हो गया?
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49. बलूचिस्तान को भारत में मिला लिया?
50. नेपाल से रिश्ते अच्छे हुए, कि ख़राब?
51. देश की इकॉनोमी कैशलेस हो गई?
52. हिन्दू तिथि से नववर्ष को सरकारी मान्यता मिल गई?
53. कितने बंगलादेशी खदेड़े गए?
54. रामसेतु को ऐतिहासिक स्थल बनाया कि नहीं?
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55. संसद, विधानसभा में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण मिला?
56. लोकपाल नियुक्त हुआ या नहीं?
57. कितनी नदियों को जोड़ा गया?
58. तीन तलाक पर रोक लगी या नहीं?
59. प्रॉपर्टी के दाम कितने कम हुए?
60. अच्छे दिन आ गए क्या?

मोदी सरकार जवाब दे या ना दे, पर इस देश की जनता उनको इसका जवाब जरूर देगी !!!

जय हिन्द 🇮🇳

*-भूपेश रसीन*

100 देशों के 75000 कम्प्यूटर पर साइबर हमला।

भारत समेत 99 देशों के 75000 कंप्यूटर पर 'रैंसमवेयर' का साइबर हमला,
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अब लगभग 90 देश इस साइबर अटैक की चपेट में हैं। इसके तहत लगभग 75 हजार कंप्यूटर्स को निशाना बनाया गया है। ब्रिटेन के नेशनल हेल्थ सर्विस को निशाना बनाने वाले इस रैंसमवेयर का नाम WanaCrypt0r 2.0 है।
साइबर विशेषज्ञ मान रहे हैं कि इस प्रोग्राम को अमेरिकी राष्‍ट्रीय सुरक्षा एजेंसी ने विकसित किया था. इसको चुराकर हैकरों ने इस तरह का बड़ा साइबर हमला किया है. साइबर विशेषज्ञ रिच बार्जर के मुताबिक यह अब तक का सबसे बड़ा रैंसमवेयर हमला है जिसको साइबर समुदाय हालिया दौर में देखा है.

Friday, May 12, 2017

Well statesmen follow PM Australia.

*ऑस्ट्रेलियन प्रधानमंत्री जूलिया गिलार्ड को दुनिया की रानी बना देना चाहिए!!*

*इस महिला प्रधानमंत्री ने जो कहा है, उस बात को कहने के लिए बड़ा साहस और आत्मविश्वास चाहिए!*

*पूरी दुनिया के सब देशों में ऐसे ही लीडर होने चाहिए!!*

*वे कहती हैं :-*

*"मुस्लिम, जो इस्लामिक शरिया क़ानून चाहते हैं,* *उन्हें बुधवार तक ऑस्ट्रेलिया से बाहर चले जाना चाहिये।*
*क्योंकि, ऑस्ट्रेलिया देश के कट्टर मुसलमानो को आतंकवादी समझता है।*

*ऑस्ट्रेलिया के हर एक मस्जिद की जाँच होगी और मुस्लिम इस जाँच में हमे सहयोग दें।*

*जो बाहर से उनके देश मे आए हैं, उन्हें ऑस्ट्रेलिया में रहने के लिए अपने आप को बदलना होगा और ना कि ऑस्ट्रेलियन लोगो को......*

*पर मैं ऑस्ट्रेलियन लोगों को विश्वास देती हूँ कि हम जो भी कर रहे है वो सिर्फ़ ऑस्ट्रेलिया के लोगों के हित में कर रहे हैं।*
*हम यहाँ इंग्लिश बोलते है ना कि अरब..*

*इसलिए अगर इस देश में रहना होगा तो आपको इंग्लिश सीखनी ही होगी।*

*ऑस्ट्रेलिया में हम JESUS को भगवान मानते हैं, हम सिर्फ़ हमारे* *CHRISTIAN-RELIGION को मानते है और किसी धर्म को नहीं, इसका यह मतलब नहीं कि हम सांप्रदायिक है!*

*इसलिए हमारे यहां भगवान की तस्वीर और धर्म ग्रंथ सब जगह होते हैं!*

*अगर आपको इस बात से आपत्ति है तो दुनिया में आप ऑस्ट्रेलिया छोड़ कर,कहीं भी जा सकते हैं।*

*ऑस्ट्रेलिया हमारा मुल्क है,*
*हमारी धरती है, और हमारी सभ्यता है।*

*हम आपके धर्म को नहीं मानते, पर आपकी भावना को मानते हैं!*

*इसलिए अगर आपको नमाज़ पढ़नी है तो ध्वनि प्रदूषण ना करें...*

*हमारे ऑफिस, स्कूल या सार्वजनिक जगहों में नमाज़ बिल्कुल ना पढ़ें!*

*अपने घरों में या मस्जिद में शांति से नमाज़ पढ़ें । जिस से हमें कोई तकलीफ़ ना हो।*

*अगर आपको हमारे ध्वज से, राष्ट्रीय गीत से, हमारे धर्म से या फिर हमारे रहन-सहन से कोई भी शिकायत है, तो आप अभी इसी वक़्त ऑस्ट्रेलिया छोड़ दें "।*

*जूलिया गिलार्ड -*
*प्रधानमंत्री ऑस्ट्रेलिया*
   

*सीखो भारत के नेताओं..*
 *कुछ सीखो इनसे....*

*मित्रों,*
*सच्चे भारतीय हो तो कम से कम एक दोस्त को उक्त सन्देश को अग्रेषित अवश्य करना।*

 🇮🇳 *भारत माता की जय* 🇮🇳

EVM और चुनाव आयोग की निष्पक्षता।

यु पी चुनाव के बाद शुरू हुआ इ वी एम् विवाद एम् सी डी चुनाव के बाद अब अपने शिखर पे पहुंच गया है . इस मामले में विपक्षी पार्टियों के रवैया से ज्यादा हैरान करने वाला चुनाव आयोग का रवैया है. इ वी एम् मशीन एक मशीन है लेकिन चुनाव आयोग एक सिस्टम है और उसका दुरुस्त होना मशीन दुरुस्त होने से ज्यादा जरुरी है . विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र को बचाये रखने के लिए सबसे ज्यादा जरुरी चुनाव आयोग की निष्पक्षता है क्योंकि चुनाव लोकतंत्र की आत्मा है तो चुनाव आयोग इसका सबसे बड़ा औज़ार है. दूसरी बात जो मेरे समझ में नहीं आ रही की वैलेट पेपर से चुनाव इस से अच्छा और सच्चा उपाय कैसे है ?? क्या वैलेट पेपर के ज़माने में वैलेट बॉक्स से निकले जिन्न को हम भूल गए या हम उन घटनाओं को भूल गए जैसे वैलेट बॉक्स में स्याही और पानी डाल के वोट को बर्बाद कर देना जो उन दिनों बहुत आम घटना थी. यहां चुनाव आयोग को ये गारंटी लेनी होगी की चाहे मशीन से छेड़ छाड़ संभव हो लेकिन उनका सिस्टम इतना दुरुस्त है की वो किसी को भी कहीं भी ऐसा कोई छेड़ छाड़ करने की इजाजत नहीं देता है. और ये ज्यादा महत्वपूर्ण है ताकि लोगों का विस्वास इस संस्था पे बना रहे और विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र सलामत रहे.